Protests
खुलासा: CJP प्रोटेस्ट में 599 रुपये में बिक रहे थे 'फर्जी प्रेस ID' और माइक
प्रेस कार्ड, माइक्रोफोन और ऑनलाइन प्रोफाइल किसी को पत्रकार जैसा दिखा सकते हैं, लेकिन उनसे अपने आप पत्रकारिता की विश्वसनीयता हासिल नहीं होती. CJP Protest 2.0 के दौरान सामने आया यह मामला इसी बड़े सवाल की ओर ध्यान खींचता है कि डिजिटल दौर में पत्रकारिता की पहचान को सत्यापित करने और उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या व्यवस्था होनी चाहिए.